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श्री कुंदन सिंह एजुकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसाइटी का इतिहास व उद्देश्य (इतिहास) परिचय

जनपद मथुरा और अलीगढ़ की सीमा के निकट बसे गाँव बसु, सरूपा में एक किसान परिवार में श्री कुंदन सिंह दयावान, कर्तव्यनिष्ठ व विनम्र प्रकृति के व्यक्ति थे । जिनका स्वय का जीवन सर्घष की एक गाथा रहा है। अन्य क्षेत्रों की तुलना में यह क्षेत्र विकास की दृष्टि से काफी पीछे रहा है। श्री कुंदन सिंह जी की इच्छा थी कि यह क्षेत्र भी विकास की मुख्य धारा से जुड़े ।

इसलिए उन्होने अपने पुत्र श्री मनोज चौधरी, बसु (मथुरा) से क्षेत्र के बालक व बालिकायों के बहुमुखी विकास के लिए, एक शिक्षण संस्था खोलने का प्रस्ताव रखा। श्री मनोज चौधरी जी ने अपने पिता श्री कुंदन सिंह जी के विचारों का सम्मान करते हुये अपने सानिध्य में श्री कुंदन सिंह एजुकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसाइटी ग्राम- बसु, पोस्ट – गजु, तह० मांट जिला मथुरा का पंजीकरण कराकर, ग्रामीण क्षेत्र में अनेक गाँवों के मध्य बालक/बालिकायों के उत्थान हेतु एस० के० एस ग्लोबल स्कूल ग्राम बसु, व् पोस्ट गजु (मथुरा) की स्थापना श्री कुंदन सिंह जी (संस्थापक) द्वारा स्थापना कराई।

संस्था के मुख्य उ‌द्देश्य

1. संस्था द्वारा किसी जाति, धर्म, एंव वर्ग में भेद भाव रहित शिक्षा का प्रसार करना।
2. असहाय, पिछड़े क्षेत्रीय ग्रामीण (किसान व मजदूर) वर्ग के बच्चों का शिक्षा द्वारा चहुमुखी विकास करना।
3. बालक बालिकायों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास हेतु कार्य करना।
4. बालक बालिकायों में देश भक्ति की भावना पैदा करना।
5 बालक बालिकायों को स्वास्थ शिक्षा प्रदान करना।
6. बालक बालिकायों के ज्ञानबर्धन हेतु आधुनिक उपकरणों एवं पाठ्य सामाग्री की व्यवस्था करना। जैसे कम्प्यूटर, प्रयोगशाला एव पुस्तकालय आदि ।
7. बालक बालिकायों में नेतृत्व की भावना पैदा करने के लिए, वाद-विवाद प्रतियोगिता एंव संगोष्ठी का आयोजन करना ।
8. बालक बालिकायों के रचनात्मक व व्यावहारिक ज्ञान हेतु ऐतिहासिक व शिक्षाप्रद स्थानों का भ्रमण कराना।
9. शासन द्वारा प्रदत्त सहायता पात्र बालक बालिकायों को लाभान्वित कराना।
10. बालक बालिकायों के शारीरिक विकास हेतु योग विद्या प्रदान करना।
11. बालक बालिकायों को भारतीय संस्कृति व सभ्यता से जोड़ना आदि ।

 

Mission :

एक राष्ट्र की पहचान उसके नागरिकों से होती है, और नागरिकों की पहचान उनकी शिक्षा और संस्कृति से होती है।

21वीं सदी के इस प्रगतिशील युग में, समय के साथ चलना अनिवार्य हो गया है। कभी बोर्ड की परीक्षा उत्तीर्ण करना गौरव की बात मानी जाती थी, लेकिन आज परिस्थितियाँ बदल चुकी हैं। सी.बी.एस.ई. बोर्ड ने अपनी गुणवत्ता, नवाचार और राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता के कारण अन्य बोर्डों पर अग्रणी स्थान प्राप्त कर लिया है।
हमने जनहित और क्षेत्र की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह संकल्प लिया है कि ग्रामीण क्षेत्र में एक ऐसे आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और अंग्रेजी माध्यम के सी.बी.एस.ई. स्कूल की स्थापना की जाए, जहाँ हर वर्ग के बच्चे सुलभ एवं सशक्त शिक्षा प्राप्त कर सकें।
आज के वैश्विक युग में, हिंदी भाषा के साथ-साथ अंग्रेज़ी का ज्ञान भी अत्यंत आवश्यक हो गया है। विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान की लगभग समस्त सामग्री अंग्रेज़ी में ही उपलब्ध है, इसलिए छात्र के समग्र विकास के लिए अंग्रेज़ी भाषा पर पकड़ आवश्यक है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, हमने अपने विद्यालय में शिक्षण का माध्यम अंग्रेज़ी रखा है।
शिक्षा के बिना क्षेत्र का समुचित विकास असंभव है। आज भी ग्रामीण क्षेत्र शहरी क्षेत्रों की तुलना में पिछड़ रहे हैं क्योंकि अधिकांश गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संस्थान शहरों और कस्बों तक ही सीमित रह गए हैं। गाँव के माता-पिता को अपने बच्चों को पढ़ाने में महंगा और कठिन अनुभव होता है।
इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, हमने एस०के०एस० ग्लोबल स्कूल, बसु, राया, मथुरा की स्थापना की है, जो कि एक यू०पी० बोर्ड से मान्यता प्राप्त, अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालय है। यहाँ छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु आधुनिक शिक्षण पद्धति, कंप्यूटर शिक्षा, शारीरिक शिक्षा, खेल, योग, एवं जीवन कौशल जैसे तत्वों को समाहित किया गया है।
हमारा उद्देश्य है: ‘ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विकास’।
हमें विश्वास है कि आप सभी का सहयोग और स्नेह इस उद्देश्य की प्राप्ति में हमारे साथ रहेगा।

धन्यवाद!